Friday, May 22, 2009

जातिवाद का बिगडता संतुलन

अभी अभी मै लघु शोध में सोनभद्र जिले में एक गाव का सर्वेक्षण किया उसमे पाया की आज भी गाँव में जातिगत असंतुलन बना हुआ है । गाँव में आज भी पिछणे, अनुसूचित वर्ग विकास से कोशो दूर है । जहा सवर्णों में ९० फीसदी लोग टेलीविज़न का उपयोग कर रहे है वही पिछणे और सूचित वर्ग के पास एक भी टेलीविज़न सेट नही था । इस समय वर्तमान मुख्यमंत्री दलित है । वो दलितों और पिछणे वर्गों के उत्थान की कितनी भी बात कहे लेकिन वास्तविक में ये सत्य से परे है। इन वर्गों को यह आस है ऐसा कौन सा प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री होगा जो हमे विकास की मुख्य धारा में लायेगा ।

No comments:

Post a Comment